विभाग विवरण

सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग

भूमिका -  

सामुदायिक स्वास्थ्य के काम में हम यह मानकर चलते है कि कम आमदनी के हर एक हजार आबादी वाले समुदाय में कम से कम पाँच ऐसे व्यक्ति ज़रूर होंगे जिन्हे परिवारजनों के अलावा दूसरे लोंगों की फ़िक्र होती है। जिन्हे दूसरों की मदद करने में मज़ा आता है ऐसे लोंगों की पहचान कर सामुदायिक स्वास्थ्य के काम के लिए प्रेरित व प्रशिक्षित करके भागीदार बनाना।

 

क्या उम्मीद लेकर स्वयं सेवक आते हे

1.       सम्भावना से हमारी बस्ती में स्वास्थ्य कार्यकर्ता बस्ती के स्वास्थ्य व बस्ती की भलाई के लिए आये हे तो हमे भी इनके साथ जुड़ना चाहिए कुछ सीखकर बस्ती का भला करना चाहिए।

2.       बच्चे सोचते हे कि हम अपने खाली समय का उपयोग कर सकें व कुछ नई चीज सीख सकें।

3.       सेहत से जुड़े अपने समुदाय के मुद्दो पर अपनी समझ बनाने व जानकारी बढाने के लिए।

4.       चिकित्सीय व गैर चिकित्सीय मुद्दो में परामर्श, मार्गदर्शन पाने के लिए।

5.       बीमारियों व उनके सही इलाज के संबधं में अपनी जानकारी बढाने हेतु।

 

बस्ति स्वयं सेवक के जीवन में क्या बदलाव आता हे ?

1. उनका आत्मविश्वास बढ़ता हे वे जानकारी प्राप्त होने से वे अपनी बस्ति के लोगो से चिकित्सीय व गैर चिकित्सीय मुददों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रख पाते है

2. बस्ति के लोगो का उनके प्रति नजरिया बदलता हे उनके पहले से अधिक महत्व व सम्मान मिलता हे लोग विश्वास के साथ अपनी समस्याएं उन्हे बताते हे व उसका हल पूछते है।
3. लोग विश्वास के साथ उनसे अपनी जाँचे जैसे बी.पी., हीमोग्लोबिन, यूरिन, मलेरिया स्वयं सेवक से करवाते है व अपनी सेहत के बारे में जानते है।
4. स्वयं सेवक हर समय दिन या रात अपनी बस्ती वासियों को सेवाएँ देने के लिए तेयार रहते है

सामुदायिक स्वास्थ की ज़रूरत :- सरकारी इलाज व्यवस्था केवल बीमारी और इलाज तक ही सीमित है, सरकार के इस उदासीन रवैये को देखते हुए सम्भावना ट्रस्ट क्लिनिक ने अपनी शुरूआत से ही दवा,इलाज के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य के कार्यो को 1996 में दो स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ शुरू किया।

 

किन लोगो के बीच करते है -

वर्तमान में सात स्वास्थ्य कार्यकर्ता गैस व प्रदूषित भूजल पीड़ित बस्तियों में जाकर 85 सक्रिय स्वयं से जाँचे इलाज व सामुदायिक स्वास्थ्य पर निगरानी का कार्य करते हैं।